शनिवार, 17 मार्च 2018

स्टीफन हॉकिंग - जो हार कर भी जीत जाये


स्टीफन हॉकिंग - जो हार कर भी जीत जाये
संजीव खुदशाह
‘’वे लोग जिन्हें उनके IQ पर बहुत घमंड होता है, वे दरअसल हारे हुए लोग होते हैं.’’
‘’मैंने नोटिस किया है कि ऐसे लोग जो यह विश्वास करते हैं कि वही होगा जो भाग्य में लिखा होगा, वही सड़क पार करने से पहले सड़क को गौर से देखते हैं.’’
स्टीफन हाकिंग के विचार
ऐसा माना जाता रहा है कि अल्बर्ट आइंस्टाइन ने अब तक सबसे अधिक मानव बुद्धि का प्रयोग किया था। वे एक महान वैज्ञानिकों में गिने जाते रहे है। हमें इस बात पर इठलाना चाहिए कि हमने ऐसे वक्त को जिया है जब उन्ही के समकक्ष वैज्ञानिक स्टीफन हाकिंन भी इसी धरती में सांसे ले रहे थे। आज भले ही वे इस दुनिया में नही है। लेकिन उनके कई वैज्ञानिक अनुमान (भविष्यवाणी नही) उनके जीते जी ही पूरे होते रहे है। वे हमेशा दुनिया को अपनी रिसर्च से चौकाते रहे है।
दरअसल पूर्व भौतिक वैज्ञानिक अल्बर्ट आंइस्टाईन से उनका नाम जुडना ही स्टीफन हाकिंग के लिए एक महत्‍वपूर्ण घटना थी। वे बिग बैग थ्योरी एवं ब्‍लैक होल थ्‍योरी के कारण पूरे संसार में प्रसिध्द‍ हो गये। हिगस बोसोन  के रिसर्च के दौरन उनके अनुमानो के सही होते ही वे फिर चर्चा में आ गये, की ईश्वर कण जैसी कोइ चीज नही है।
प्रसंग वश  बताना जरूरी है कि स्टीफन हाकिंग का जन्म 8 जनवरी 1942 को इंग्लैंड के ऑक्सफ़ोर्ड  में हुआ था । जब स्टीफन हाकिंग का जन्म हुआ तो वो बिलकुल स्वस्थ्य और सामान्य थे। उनके पिता का नाम फ्रेंक और माता का नाम इसोबेल था। उनकी दो बार शादी हुई तथा उनके तीन बच्चे है।
उनके जीवन का सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि वे महज 21 साल की उम्र में एक असाध्य बीमारी से ग्रसित हो गये जिसका नामAmyotrophic Lateral Sclerosis [ALS ]था।  इस बीमारी में ग्रसित व्यक्ति का स्नायु तन्त्र से नियंत्रण खत्म होने लगता है जिससे उसके शरीर के हिस्से धीरे धीरे काम करना बंद कर देते है। अंत में श्वसन तन्त्र भी काम करना बंद कर देता है जिससे व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। डॉक्टरों ने कहा की उनकी मृत्यु 2 वर्ष के भीतर हो जायेगी। लेकिन वे इससे डरे नही और अपना ध्यान अध्ययन पर लगाने लगे। उनका शरीर धीरे धीरे काम करना बंद कर दिया। लेकिन उनकी बीमारीवहीं रुक गई। वे अपने दांये गाल एवं आंख के सहारे यंत्रो की मदद से वार्तालाप कर पाते थे। मस्तिष्‍क के  साथ साथ उनका कुछ अंग ही सक्रिय था।
इस वैज्ञानिक ने यह सिध्द कर दिया की इस दुनिया में कोई भी विकलांग नही होता। विकलांग होती है मनुष्य‍ की सोच, उन्होने अपनी सभी शारीरिक कमियों को धत्ता  बताते हुये कई महत्वपूर्ण खोज की। दरअसल स्टीफन हॉकिंस,गैलीलियो और अल्बर्ट आइंस्टाइन के ही पंक्ति के वैज्ञानिक है। ग़ौरतलब है कि गैलीलियो और अल्बर्ट आइंस्टाइन ने अपने वक्त के धार्मिक मान्यताओं को चुनौती दी थी एवं उनके अवैज्ञानिक सोच पर सवालिया निशान खड़ा किया था। गैलीलियो को तो धार्मिक लोगों ने आजीवन कारावास की सजा दी और वही उनकी मौत भी हो गई। आइंस्टाइन के साथ भी धार्मिक लोगों का संघर्ष चलता रहा। हलाकि बाद में आइंस्टाइन के कई उपदेश को तोड़ मरोड़कर ज़बरदस्ती धर्म के पक्ष में प्रचारित किया गया।
ठीक इसी प्रकार स्टीफन हॉकिंस भी अपने तमाम खोजों के बाद यह सिद्ध करते रहे की धार्मिक या भगवान जैसी चीजें बेवकूफी भरी हैं। आस्था से विज्ञान का कोई नाता नहीं है। चाहे मामला हिग्स बोसोन का हो या बिग बैंग थ्योरी का या फिर ब्रह्मांड की उत्पत्ति का। इन तमाम मुद्दों पर उन्होंने जो पेपर पेश किए उसमें उन्होंने इस बात को खुलकर बताया की विज्ञान का आधार अवलोकन तथा कारण है जबकि धर्म का आधार आस्था और अंधविश्वास है। वे हमेशा धार्मिक लोगों के निशाने पर रहे है। वह निश्चित रूप से भविष्य में अपने वैज्ञानिक सोच के लिए जाने जाएंगे और जैसे-जैसे मानव धार्मिक आडंबरों अंधविश्वासों से मुक्त होता जाएगा। वैसे वैसे उनके लिए गैलीलियो, अल्बर्ट आइंस्टाइन तथा स्टीफन हॉकिंग का महत्व भी बढ़ता जाएगा। हॉकिंग की सरलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक ओर वे सुदूर अंतरिक्ष के रहस्य सुलझाते हैं तो दूसरी ओर टीवी पर भी नजर आते हैं। ब्रिटेन के कई चैनलों ने उन्हें लेकर कई लोकप्रिय प्रोगाम बनाए हैं। 
स्टीफन हॉकिंग अपने वैज्ञानिक खोज के लिए तो हमेशा याद के जाएंगे ही साथ में विकलांग लोगों के लिए भी प्रेरणा के स्रोत होंगे। उन्होंने अपने जीवन काल में यह सिद्ध कर दिया कि विकलांगता किसी भी मनुष्य की कमजोरी नहीं बन सकता। दरअसल विकलांग वे हैं जिन्होंने अपने आप को सीमित कर लिया हो और यह समझने लगे की उन्हे  सब पता है ज्ञानी है।
Publish in navbharat 17 march 2018
दुख की बात यह है कि स्टीफ़न हॉकिंग के मौत के तुरंत बाद कट्टरपंथी धार्मिक लोग उनके द्वारा दिए गए निष्कर्ष को धर्म के पक्ष में प्रचारित करने का प्रयास कर रहे हैं। जैसे हिग्स बोसोन को ईश्वर कण बताना। धर्म की उत्पत्ति को ब्रह्मांड से जोड़ना तथा उनके जन्म तथा मृत्यु दिवस के संबंध में अन्य  वैज्ञानिको के जन्म मृत्यु  से जोड़ना आदि। बावजूद इसके वे हमेशा तर्कशील लोगो, भौतिक विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान के प्रेरणा बने रहेंगे।
स्टीफन हॉकिन्स की महत्वपूर्ण किताबें
ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम
द ग्रांड डिजाइन
यूनिवर्स इन नटशेल
माई ब्रीफ हिस्ट्री
द थ्योरी ऑफ एवरीथि‍ग