बुधवार, 19 सितंबर 2012

जनमदिन के पोस्टर(छत्तीसगढी व्यंग)

जनमदिन के पोस्टर(छत्तीसगढी व्यंग)
बियंग

संजीव खुदशाह
जब ले मै राईपुर आये रहेउं, नेतामन के जनमदिन के पोस्टर ला देख के मोर मन हा कसमसा के रईगीस। मोला लागीस के मै राईपुर नही कोनो नेता के घर मा पहुचगेव। को रे बाबु हमन ई नेता मन ला बोट देके अतके कन गलती करे हन, कि हमन अपन लईका के जनम दिन ला भुला जाथन। लेकिन ई नेता मन के जनमदिन के पोस्टर हा साल भर पूरा राईपुर शहर मा चटके रथे। ई मन राजयोग ला पाने वाला पूरा बछर जनम दिन ला मनाथे। का योगी का सन्यासी का अगरावाले का तिवारी सबके जनम दिन के फोटो हा गली गली म चटके रथे। कभु-कभु खुखांर असन इमनके सकल ला देख के नानकन लईका मन डरा घलो जाथे। मै घलो इ नेता मन और उकर चम्मचा के कुटिल हसी वाला फोटु ल देख के चक्कर में पड़ जाथौ। ईमन हास्थे धन कुट रचना करथ हवे। 
एक घौ एक नेता के चम्मच ला पुछैव, कईसे रे बाबु भोगी के जनम दिन म तोर फोटु गली गली में चपके रहेयं। कहां ले भिड़ाय हस अईसन कनेक्शन। चममच हा दांत ला निपोरे लागीस। फेर मै कहेव कहां ला पाथस अतके कन  पईसा, हमुमन ला बतातेव त जिनगी हा तरजतीस। फेर उ चम्मच हा दांत ला निपोरेकस करीस। मोर गोठ हा ओला गुदगुदी कस लागीस। कनेक्शन के गोठ मा अपन आप ला केबिनेट मिनीस्टर के दर्जा वाला सिमेंट कस सीना ला फुलाय रहे। मोला कथे- हट रे बुढ़उ तै का जानबे इ चिज ला, इही ला कथे राजनीति। तुमन का जानहु राजनीति ला , बस धान ला बोथौ- बासी ला खाथौ। इ ला कथे बोआई, चुनाव होही तेकर बाद किये जाही लुआई। ही ही हांसे लागीस। फेर मै हा पुछेव बुआई में कतेकन खरचा आईस- चम्मच हा मोर बर भड़कगे, लेकिन कुटिल हसीं मां दात ला दबा के कथे- देड़ करोड़। देड़ करोड़ के खर्चा जनम दिन म सुन के मोर होश उड़ागे रहय। लेकिन कइसनो हिम्मत करके मै हा पुछेव - लुआई म का होही। फेर उ चम्मच हा दांत ला निपोर के किहीस दलाली मिलही देड़ अरब के। अब मै चुप हो गेव, भागे के रद्दा ला खोजत रहेव। अईसन खेती मोर पुरखा तक नई जानय। मै भागे के चालु करेव, कभु ओ गली- कभु ई गली। जहां मै जातेव, इही मन के फोटु हा चपके रहेय। ई मन के बोआई म मै धान कस टुकुर-टुकुर देखत खड़े रहेव।